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क्या आप जानते है कि दो हज़ार साल पहले, सोपारा में एक प्रसिद्ध स्तूप हुआ करता था जिसकी वजह से ही सोपारा आस्था और व्यापार का बड़ा केंद्र बना? इस एपिसोड में देखिए सोपारा स्तूप की कहानी|
महाराष्ट्र में ज़्यादातर क़िले या तो पहाड़ियों और पर्वतों पर स्थित हैं, या समंदर के किनारे।ऐसा ही एक क़िला है परांडा क़िला जो उस्मानाबाद ज़िले के परांडा तालुका में स्थित है।
ख़ुदा बख़्श पब्लिक ओरिएंटल लाइब्रेरी भारत की सांस्कृतिक विरासत के सबसे बेशक़ीमती ख़ज़ानों में से एक है। पटना शहर में स्थित इस लाइब्रेरी में 21 हज़ार से ज़्यादा बेशक़ीमती पांडुलिपियां और ढ़ाई लाख किताबें हैं। यहां ऱखी हुई किताबें, ख़ान बहादुर ख़ुदा बख़्श का निजी ख़ज़ाना था जो पटना में एक वकील थे। सन 1969 में भारत सरकार ने इसे राष्ट्रीय महत्व का केंद्र घोषित कर दिया। लाइब्रेरी की निदेशक डॉ शाइस्ता बेदार ने संस्थान और इसके संग्रह के बारे में अपना नज़रिया हमारे सामने रखा...
राजस्थान में भरतपुर के लोहागढ़ क़िले की अभेद्य दीवरें, राजा सूरजमल की जाट रियासत के उदय की कहानियां कह रही हैं, जिसने 18वीं सदी में, उत्तरी भारत की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की।
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