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ग्वालियर के सिंधिया परिवार का पिछले 270 सालों का उत्तर भारत की रजनीति में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। जानिए क्या है सिंधिया परिवार की कहानी...
बौद्ध, जैन, ब्राह्मणवादी और मराठा काल के अवशेष देखने को मिलते है। क्या है इन प्राचीन गुफाओं के पीछे की कहानी, जानिये किस्से-कहानियाँ के इस एपिसोड में।
ख़ुदा बख़्श पब्लिक ओरिएंटल लाइब्रेरी भारत की सांस्कृतिक विरासत के सबसे बेशक़ीमती ख़ज़ानों में से एक है। पटना शहर में स्थित इस लाइब्रेरी में 21 हज़ार से ज़्यादा बेशक़ीमती पांडुलिपियां और ढ़ाई लाख किताबें हैं। यहां ऱखी हुई किताबें, ख़ान बहादुर ख़ुदा बख़्श का निजी ख़ज़ाना था जो पटना में एक वकील थे। सन 1969 में भारत सरकार ने इसे राष्ट्रीय महत्व का केंद्र घोषित कर दिया। लाइब्रेरी की निदेशक डॉ शाइस्ता बेदार ने संस्थान और इसके संग्रह के बारे में अपना नज़रिया हमारे सामने रखा...
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