अगर आपको लिव हिस्ट्री इंडिया का काम पसंद आता है, तो अपने सहयोग से हमें प्रोत्साहित करें। कोई भी योगदान छोटा नहीं होता और इसमें आपका ज़्यादा समय भी नहीं लगेगा। आपके योगदान के लिए धन्यवाद।
भवानी मंडप कोल्हापुर के छत्रपतियों के जूना राजवाड़ा यानी पुराने महल का भव्य प्रवेश-द्वार हुआ करता था। भवानी मंडप और जूना राजवाड़ा, कोल्हापुर के, पिछले 250 वर्ष के इतिहास के गवाह रहे हैं।
झाँसी शहर के जोखन बाग़ का सम्बन्ध भारतीय इतिहास के सबसे महत्वपूर्ण अध्यायों में से एक, सन 1857 के स्वंत्रता संग्राम से है। यहाँ सन 1857 में कई अंग्रेज़ों का नरसंहार हुआ था। आज ये उस घटना की एक यादगार है।
इतिहास हमेशा मुहम्मद बिन तुग़लक़ को सनकी या दरिंदा करार देता है। मगर क्या आप जानते हैं, कि इसी शख्स ने दिल्ली को अपने ज़माने में दुनिया के सबसे खूबसूरत और मुकम्मिल शहर का रूप दिया? आईये जानते हैं, जहाँपनाह की ये दिलचस्प कहानी
कर्नाटक के बिदर में एक सुन्दर ईमारत है जो ईरान के एक सूफी संत, हज़रत-ख़लील-उल्लाह का मज़ार है। मगर दक्षिण भारत के इस हिस्से में मौजूद ये मज़ार क्यों ख़ास है? जानिये चौखंडी की कहानी जो आज भी बीते समय में बिदर के साथ सूफ़ियों के सम्बन्ध और बहमनी सुल्तानों की धरोहर की एक महत्वपूर्ण निशानी है।
Join our mailing list to receive the latest news and updates from our team.