अगर आपको लिव हिस्ट्री इंडिया का काम पसंद आता है, तो अपने सहयोग से हमें प्रोत्साहित करें। कोई भी योगदान छोटा नहीं होता और इसमें आपका ज़्यादा समय भी नहीं लगेगा। आपके योगदान के लिए धन्यवाद।
बिदर का मेहमूद गवान मदरसा ख़ास है क्योंकि एक प्रसिद्द शिक्षा और ज्ञान का केंद्र होने के साथ साथ ये यहाँ के बहमनी सल्तनत के महत्वपूर्ण वज़ीर, मेहमूद गवान की धरोहर भी है।
कर्नाटक के बिदर में एक सुन्दर ईमारत है जो ईरान के एक सूफी संत, हज़रत-ख़लील-उल्लाह का मज़ार है। मगर दक्षिण भारत के इस हिस्से में मौजूद ये मज़ार क्यों ख़ास है? जानिये चौखंडी की कहानी जो आज भी बीते समय में बिदर के साथ सूफ़ियों के सम्बन्ध और बहमनी सुल्तानों की धरोहर की एक महत्वपूर्ण निशानी है।
बुंदेलखंड क्षेत्र में मौजूद तालबेहट क़िला बुन्देली वास्तुकला, कई मान्यताओं और राजा मर्दन सिंह के शौर्य का अद्भुत मिलन है, जो आज इसके खंडहरों में दफ़न है। ले चलते हैं आपको इस क़िले के दिलचस्प सफ़र पर
कर्णाटक के बीदर शहर के पास स्थित हैं बीदर सल्तनत या बारिद शाह शासकों के भव्य मक़बरे। ये सल्तनत एक समय दक्खन की पांच महत्वपूर्ण सलतनतों में से एक थी। आइए जानते हैं इनकी कहानी
Join our mailing list to receive the latest news and updates from our team.