मुख्य कथा

मुख्य कथा

इलाहाबाद और हिंदी साहित्य का स्वर्ण युग

इस शहर ने संस्कृत और उर्दू-फ़ारसी के कई बड़े साहित्यकार दिए है। खड़ी बोली के प्रथम साहित्यकारों में और हिंदी गद्य के चार प्रमुख स्तम्भों में एक, मुंशी सदासुख लाल का नाम उल्लेखनीय है।